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कासगंज में न्याय की उम्मीद लेकर जनसुनवाई पहुंचे व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में डाला, मौलिक अधिकारों का कथित उल्लंघन

 

01 “मौलिक अधिकारों की खुलेआम धज्जियां: कासगंज पुलिस की कार्रवाई पर पर्दा डालने की कोशिश, जिम्मेदार कौन?”

02 “न्याय मांगना बना गुनाह! कासगंज में जनसुनवाई पहुंचे फरियादी को पुलिस ने हवालात में डाला”

03 “जनसुनवाई में न्याय की जगह हिरासत: कासगंज पुलिस पर मौलिक अधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप”

04 “कासगंज में कानून का उल्टा राज: फरियादी गिरफ्तार, पुलिस पर अमानवीय व्यवहार के आरोप”

05 “संविधान कुचला गया: कासगंज पुलिस ने फरियादी को दबाया, सच छिपाने की कोशिश उजागर

कासगंज (उत्तर प्रदेश) में गुरुकुल की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर संतोष गौड़ नामक व्यक्ति समाधान दिवस (जनसुनवाई) में न्याय की गुहार लेकर गया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसे न केवल सुनवाई में जाने से रोका बल्कि कथित रूप से धक्का-मुक्की कर तहसील परिसर के बाहर ले जाकर हिरासत में बंद कर दिया। पीड़ित ने पुलिस पर गला दबाने और अमानवीय व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं  जिससे मौलिक अधिकारों के संभावित उल्लंघन पर सवाल उठे हैं 01 “मौलिक अधिकारों की खुलेआम धज्जियां: कासगंज पुलिस की कार्रवाई पर पर्दा डालने की कोशिश, जिम्मेदार कौन?”

 

02 “न्याय मांगना बना गुनाह! कासगंज में जनसुनवाई पहुंचे फरियादी को पुलिस ने हवालात में डाला”

 

03 “जनसुनवाई में न्याय की जगह हिरासत: कासगंज पुलिस पर मौलिक अधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप”

 

04 “कासगंज में कानून का उल्टा राज: फरियादी गिरफ्तार, पुलिस पर अमानवीय व्यवहार के आरोप”

 

05 “संविधान कुचला गया: कासगंज पुलिस ने फरियादी को दबाया, सच छिपाने की कोशिश उजागर

उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

रिपोर्ट अलीगढ़ मंडल ब्यूरो चीफ सोनू यादव

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